चाईबासा: झारखंड प्रदेश बीजेपी की उपाध्यक्ष और सिंहभूम की पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने शनिवार, 18 अप्रैल को दिल्ली में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड में आदिवासी समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ रोजगार सृजन के लिए विशेष पहल करने का आग्रह किया।
गीता कोड़ा ने मंत्री के समक्ष आदिवासी समुदाय की विभिन्न समस्याओं को रखा और कहा कि केंद्र सरकार की जनजातीय योजनाओं से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी समाज के जीवन स्तर में सुधार होगा और उनका समुचित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
उन्होंने सिंहभूम क्षेत्र के आदिवासी समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विशेष सहायता की जरूरत बताई। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में केंद्र प्रायोजित जनजातीय कल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी पर जोर दिया, ताकि लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
गीता कोड़ा ने जनजातीय भाषा, परंपरा और संस्कृति के संरक्षण के साथ युवाओं के कौशल विकास, महिलाओं और बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन जैसी योजनाओं की शुरुआत झारखंड से हुई है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदिवासी समाज से विशेष जुड़ाव का भी उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए कई योजनाएं चला रही है।

