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दक्षिण पूर्व रेलवे में छह माह में नौ ट्रैक मेंटेनरों की मौत, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता*

चक्रधरपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं। पिछले छह महीनों में नौ ट्रैक मेंटेनरों की जान जा चुकी है। शनिवार को रांची और खड़गपुर मंडल में दो अलग-अलग घटनाओं में दो ट्रैक मेंटेनरों की मौत हो गई।

रांची मंडल के पीडब्ल्यूआई मुरी–1 के अंतर्गत गोंगों नंबर 9 में तैनात ट्रैक मेंटेनर बिपत्तरानी महतो (ग्रेड पे 1800) नाइट कॉल वॉटर पेट्रोलिंग के दौरान ट्रेन संख्या 18615 की चपेट में आ गए। घटना इलो स्टेशन के पास हुई, जहां मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

वहीं खड़गपुर मंडल में पीडब्ल्यूआई हिजली के अंतर्गत तैनात ट्रैक मेंटेनर मंजूरुल हैदर (ग्रेड पे 1900), उम्र 45 वर्ष, सुबह 6:30 बजे कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग के दौरान ट्रेन संख्या 68048 (हिजली–खड़गपुर मेमू) से टकरा गए। यह हादसा किलोमीटर 119/27 के पास हुआ।

ट्रैक मेंटेनरों का कहना है कि कोहरे के मौसम में जहां ट्रेनों की गति कम कर दी जाती है, वहीं पेट्रोलिंग बीट को कम नहीं किया जाता, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।

इन दोनों घटनाओं की ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने कड़ी निंदा की है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने कहा कि रेलवे प्रशासन ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यदि प्रशासन ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो यूनियन दक्षिण पूर्व रेलवे जोनल कार्यालय में एकदिवसीय धरना देने को बाध्य होगी।

यूनियन ने मांग की है कि ट्रैक मेंटेनरों को सभी मूलभूत सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी ड्यूटी कर सकें।

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