जमशेदपुर। भुईयांडीह स्वर्णरेखा बर्निंग घाट चौक के आसपास सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआईएसएल द्वारा अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या सीमांकन प्रक्रिया के बुलडोज़र चलाए जाने से कई गरीब परिवारों के घर और दुकानें ध्वस्त हो गईं, जिसके कारण प्रभावित लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्रवाई को गरीबों पर सीधा अत्याचार बताते हुए हेमंत सोरेन सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि शासन-प्रशासन का रवैया पूरी तरह से संवेदनहीन और क्रूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को न तो नोटिस दिया गया और न ही सामान समेटने का अवसर मिला, परिणामस्वरूप उनकी आजीविका और आवास छिन गए।
ओझा ने सरकार से मांग की है कि सभी प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास, भोजन-पानी तथा अस्थायी आश्रय की व्यवस्था तुरंत शुरू की जाए। साथ ही उन्होंने इस घटना में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की भी बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति को सुधारने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो भाजपा सड़क पर उतरकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।

