चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस ने गुरुवार को बड़ाजामदा डकैती कांड का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। बीते 14 अक्टूबर 2025 की रात गुवा (बड़ाजामदा ओपी) थाना क्षेत्र के बड़ाजामदा में व्यवसायी अनिल चौरसिया के घर पर हुई डकैती की सनसनीखेज वारदात के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में इस कांड का मास्टरमाइंड संजीव मिश्रा भी शामिल है।
घटना 14 अक्टूबर की रात लगभग 12 बजे की है, जब अज्ञात अपराधियों ने बड़ाजामदा फुटबॉल मैदान के पास स्थित व्यवसायी अनिल चौरसिया के घर में हथियार के बल पर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। अपराधी घर से करीब ढाई लाख रुपये नकद, एक सोने की चेन और एक सोने का ब्रेसलेट लूटकर फरार हो गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमीत रेनू के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय केरकेट्टा के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम में बड़ाजामदा ओपी प्रभारी बालेश्वर उरांव, नोवामुंडी थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह, गुवा थाना प्रभारी नितेश कुमार, तकनीकी शाखा और आरक्षी शामिल थे। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए अपराधियों को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अपराधियों में मास्टरमाइंड संजीव मिश्रा (उम्र लगभग 44 वर्ष) शामिल है, जो जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, संजीव मिश्रा ने ही गैंग बनाकर रेकी की और पूरी योजना तैयार की थी। उसका पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है तथा उस पर जमशेदपुर के कई थानों में मामले दर्ज हैं।
अन्य गिरफ्तार अपराधियों में राजकुमार बैश्नों (35 वर्ष, आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां), पिंटू कुमार बारीक (33 वर्ष, सरायकेला-खरसावां), दीपक महतो (35 वर्ष, बर्मामाइंस, जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम) और रामा शंकर गुप्ता (50 वर्ष, बड़ाजामदा, पश्चिमी सिंहभूम) शामिल हैं, जिसमें रामा शंकर गुप्ता ने रेकी में सहयोग किया था।
पुलिस ने अपराधियों के पास से डकैती की रकम का एक हिस्सा और वारदात में प्रयुक्त सामग्रियां बरामद की हैं। बरामद वस्तुओं में 20,000 रुपये नकद, दो चारपहिया वाहन — एक बलेनो कार (संख्या JH05CJ 3223) और एक मारुति स्विफ्ट (संख्या JH05DN7776), एक पिस्टल, सात मोबाइल फोन और एक चाइनीज सीढ़ी शामिल है।
पुलिस ने सभी गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और गुवा (बड़ाजामदा ओपी) कांड संख्या 45/25 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

