जमशेदपुर। कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर से पुलिस ने शनिवार को कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान गिरोह से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान काशीडीह निवासी कोदू उर्फ कोदू पाजी और केबल टाउन निवासी राजेश के रूप में हुई है। दोनों पर सीतारामडेरा के उघोगपति हरेराम सिंह के आवास पर रंगदारी नहीं देने पर गोलीबारी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर की सुबह लगभग पांच बजे दोनों अपराधियों ने रंगदारी की रकम वसूलने के उद्देश्य से हरेराम सिंह के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। घटना के दौरान कोदू ने पिस्टल से गोलियां चलाईं, जबकि राजेश स्कूटी चला रहा था। इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने प्रेस को बताया कि गिरोह के सरगना सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क के जरिए हत्या, रंगदारी और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। दोनों शूटरों के नाम रांची में गिरफ्तार अपराधी दशरथ शुक्ला के बयान के बाद सामने आए।
पूछताछ में दशरथ शुक्ला ने बताया था कि वह सुजीत सिन्हा, प्रिंस खान और सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा के लिए रांची और जमशेदपुर में सक्रिय था। उसने पुलिस को बताया कि 2 अक्टूबर को वह अपने साथी आकाश कुमार सिंह के साथ रांची गया था, जहां कांके-चौटनी चौक के पास गैंग के सदस्य बबलू खान, मो. सिराज उर्फ मदन और मो. शाहिद से छह पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस की खेप ली गई थी।
दशरथ के मुताबिक, इनमें से तीन पिस्टल और 25 कारतूस जमशेदपुर के अपराधियों राजेश, कोदू पाजी और गाढ़ाबासा निवासी गोपला को सौंपे गए थे। इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल 10 अक्टूबर की सुबह ठेकेदार हरेराम सिंह के घर पर हुई गोलीबारी में किया गया था। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह हमला सुजीत सिन्हा और उसकी पत्नी रिया सिन्हा के सीधे निर्देश पर किया गया था।

