रांची: आरपीएफ पोस्ट हटिया की सतर्कता और तत्परता एक बार फिर सराहनीय उदाहरण बनी जब “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत एक नाबालिग बालक को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशानुसार आरपीएफ कर्मी सतर्कता से अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर रहे थे। इसी क्रम में सुरक्षा नियंत्रण रांची से प्राप्त रेल मदद शिकायत के अनुसार बताया गया कि ट्रेन संख्या 02832 के सामान्य कोच में एक लगभग 10 वर्षीय बालक अकेला यात्रा कर रहा है।ट्रेन के हटिया स्टेशन पहुंचने पर उपनिरीक्षक रीता कुमारी, महिला आरक्षक एस. पी. खाल्को और कांस्टेबल संजीत कुमार ने सक्रियता दिखाते हुए संबंधित कोच की जांच की। शिकायत के अनुरूप उन्हें एक नाबालिग बालक अकेला बैठा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद अलीशान, आयु लगभग 10 वर्ष, पिता मोहम्मद अरशद तथा माता जूली परवीन बताया। उसने अपना पता बरहीबिघा, थाना हंटरगंज, जिला चतरा, झारखंड बताया।बालक अपने परिवार के किसी सदस्य का संपर्क नंबर नहीं बता सका। आरपीएफ टीम ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालक को श्री खुदीराम महतो, सुपरवाइजर चाइल्ड लाइन हटिया के हवाले कर दिया ताकि आगे की विधिक प्रक्रिया संपन्न की जा सके।आरपीएफ पोस्ट हटिया की इस तत्परता और मानवीय संवेदना से प्रेरित पहल से एक मासूम की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है तथा “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के उद्देश्य को सार्थक रूप मिला है

