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Wed. Mar 4th, 2026

GST घोटाले में बबलू जायसवाल सहित कई व्यापारी ईडी के रडार पर, रांची-जमशेदपुर समेत कई जगहों पर छापेमारी

इनपुट टैक्स क्रेडिट में फर्जीवाड़ा कर सरकार को करोड़ों का नुकसान, ईडी की दूसरे दौर की बड़ी कार्रवाई

जमशेदपुर/रांची : जीएसटी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को जमशेदपुर, रांची और आदित्यपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। इस बार ईडी के रडार पर जमशेदपुर के चर्चित व्यवसायी बबलू जायसवाल समेत कई व्यापारी आ गए हैं। बबलू जायसवाल के ठिकानों पर भी ईडी की टीम द्वारा तलाशी ली जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ईडी ने बबलू जायसवाल को इसी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

छापेमारी की यह कार्रवाई जीएसटी फर्जीवाड़े में चल रही जांच के दूसरे दौर का हिस्सा है। ईडी की टीम ने गुरुवार सुबह से जमशेदपुर के सर्किट हाउस एरिया, बिष्टुपुर, जुगसलाई और आदित्यपुर में एक साथ दबिश दी। वहीं रांची में पीपी कंपाउंड स्थित कृष्णा अपार्टमेंट के एक फ्लैट सहित करीब छह ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

इससे पहले इस मामले में ईडी ने शिव कुमार देवड़ा और अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया को गिरफ्तार किया था। इन दोनों से हुई पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए थे। जांच में सामने आया कि बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के कागजी कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये के फर्जी बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अनुचित लाभ उठाया गया। इसके ज़रिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया है।

पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली थी कि इस घोटाले में कई अन्य व्यापारी भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका अब जांच के घेरे में है। इसी आधार पर ईडी ने प्रारंभिक जांच के बाद छापेमारी का यह दूसरा चरण शुरू किया है।

ईडी सूत्रों के अनुसार, जिन व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर छापे मारे गए हैं, उनसे जुड़ी बैंकिंग लेन-देन, जीएसटी फाइलिंग और बिलिंग संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। यह अनुमान है कि इस फर्जीवाड़े की जड़ें झारखंड से बाहर भी फैली हुई हैं और इसमें एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।

ईडी की यह कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। अब एजेंसी की नजर उन सभी लोगों पर है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा हैं या जिन्होंने फर्जी आईटीसी का लाभ उठाया है।

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