झारखंड: राज्य में धूम धाम से हुल दिवस मनाया गया वहीं इसके उपलक्ष्य में झारखंड स्तिथ सुंदरनगर क्षेत्र के छोटा ताल्सा में फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जहां पर युवा टीम का जोश और जज़्बा देखने को मिला दरअसल संथाल लोगों द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ स्वतंत्रता और न्याय के लिए किए गए बलिदानों को श्रद्धांजलि देने का दिन होता है, कार्यक्रम की शुरुआत सिद्धो कान्हो की पूजा कर एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई साथ ही क्रांति गीत भी गाया गया जिसके बाद फुटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत हुई जिसमें दोनों टीमों का आमना सामना हुआ इसी क्रम में केरवा डुंगरी ग्राम पंचायत के मुखिया कान्हु मुर्मू ने बताया कि यह खेल प्रतियोगिता के माध्यम से हम युवा खिलाड़ियों को मंच देने का काम करते हैं, तह की यह भी आगे बढ़ कर नैशनल लेवल पर खेल सकें।
कान्हु मुर्मू ने बताया कि हम 1985 से हुल दिवस मनाते आ रहे हैं और यह हुल दिवस सिर्फ आदिवासियों को नहीं बल्कि पूरे देश को मानना चाहिए क्योंकि सिद्धो कान्हो ने सिर्फ आदिवासियों के लिए लड़ाई नहीं लड़ी उन्होंने पूरे देशवासियों के लिए लड़ा क्योंकि आज़ादी की लड़ाई सिर्फ एक समुदाय के लिए नहीं थी यह लड़ाई पूरे देश के लिए थी और देश की आज़ादी के लिए सबसे पहला आंदोलन उन्होंने ही किया था कान्हु मुर्मू ने यह भी बताया कि आज भी आदिवासियों को वो हक नहीं मिल पाया है जो उनको मिलना चाहिए।

