गुमला परिसदन में विधायक बंधु तिर्की ने प्रेस वार्ता को किया संबोधित
,गुमला:-शनिवार को गुमला ज़िला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले अध्यक्ष रोशन बरवा के अध्यक्षता में सर्किट हाउस गुमला मे एक प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ इस वार्ता में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष सह मांडर विधायक माननीय बंधु तिर्की उपस्थित हुए।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री तिर्की ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून जो एक साल पहले लाया गया था इसके विरोध में लगातार एक साल से देश के किसान सड़कों पर उतर कर आंदोलन कर रहे थे साथ में कांग्रेस पार्टी भी सड़कों पर उतर कर आंदोलन कर रही थी आज मोदी सरकार ने मजबूरन वस तीनों कृषि काला कानून को वापस लेना पङा। वही बंधु तिर्की ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया जाना एक महज चुनावी जुमला है मुझे किसान पुत्र और एक राजनेता होने के नाते प्रधानमंत्री का ऐलान अच्छा लगा पर बहुत देर कर दी मेहरबा आते आते एक साल में किसानों को भारी नुकसान उठाना पङा है,उन्हें सताया गया किसानों पर लाठी बरसाई गई जैसे अनेक जो जुल्म अन्नदाता के साथ केंद्र के मोदी जी की सरकार ने की है इसका भी जवाब भाजपा नीत केंद्र सरकार को देना पड़ेगा।किसानों का आंदोलन विश्व इतिहास में सबसे लंबा लोकतांत्रिक आंदोलन माना गया है मोदी सरकार के तानाशाही रवैया के कारण शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं 700 किसानों ने अपने प्राण गवाएं किसानों की शहादत इतिहास में दर्ज हो चुकी है इसका भी खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा अभी भी किसानों के सामने कई सवाल हैं जिसका जवाब सरकार को देना पड़ेगा जैसे एमएसपी पर कानून बनानी पड़ेगी किसानों ने मोदी के ऐलान पर भरोसा नहीं करते हुए आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व हो या राज्य की इकाई लगातार किसानों के आंदोलन में सड़क से लेकर सदन तक आंदोलनरते रहे हैं जिसका परिणाम है कि केंद्र की मोदी सरकार को झुकना पड़ा।हमारी पार्टी मांग करती है कि आंदोलन में शहीद हुए 700 किसानों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा तथा एम एस पी पर शीघ्र कानून बनाकर देश के किसानों के जख्मों पर राहत पहुंचाएं।
मौके पर अध्यक्ष रोशन बरवा,
वरीय उपाध्यक्ष अकील रहमान, माणिक चन्द साहू, दीप नारायण उरांव, आशिक अंसारी, चुमनु उरांव, अल्बर्ट तिग्गा, मीडिया मो0 इम्तेयाज़, महिला अध्यक्ष अमृता भगत, शांति उरांव, सीता खलखो, असंगठित कामगार के मुख्तार आलम, शाहजहां अंसारी, रोहित उरांव, कृष्णा लोहरा, राजनील तिग्गा, जय सिंह, रजब अंसारी, अरुण कुमार , बिरिया उरांव, फिरोज आलम आज़ाद अंसारी, सगीर आलम बबलू, लुकमान खान, जस्मिन लुगुन, रेणु लकड़ा, क्रिश्टिना तिर्की, रफ़ि अली, देवकी देवी, अमर प्रदीप कुजूर, इमाम खान, अरुण गुप्ता, मेजर्न केरकेट्टा आदि उपस्थित थे।

