धनबाद। धनबाद के चर्चित रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह हत्याकांड में शनिवार को करीब नौ साल लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के आरोपी हर्ष सिंह और नंदकुमार सिंह उर्फ मामा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने दोनों को संदेह का लाभ दिया। फैसला आने के बाद हर्ष सिंह अपने समर्थकों और परिवार के साथ अदालत परिसर से बाहर निकले और खुशी जताई। वहीं, नंदकुमार सिंह को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था।
यह हत्याकांड 29 जनवरी 2017 की शाम करीब साढ़े पांच बजे सरायढेला थाना क्षेत्र के चाणक्य नगर मोड़ के पास हुआ था। बिग बाजार के सामने रामेश्वर तिवारी के घर के समीप रंजय सिंह पर गोलीबारी की गई थी। उस समय रंजय सिंह अपने सहयोगी राजा यादव के साथ बाइक से जा रहे थे। हमले में रंजय सिंह की मौत हो गई, जबकि राजा यादव सुरक्षित बच गए। बाद में राजा यादव को मामले का प्रमुख चश्मदीद गवाह बनाया गया।
रंजय सिंह को तत्कालीन भाजपा विधायक और धनबाद के पूर्व मेयर संजीव सिंह का करीबी बताया जाता था। हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने नंदकुमार सिंह उर्फ मामा को कथित शूटर बताते हुए आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस की जांच में सामने आए कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर हर्ष सिंह को हत्या की साजिश से जोड़ते हुए आरोपी बनाया गया था। हालांकि, अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष इन आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
मामले की सुनवाई लगभग नौ वर्षों तक चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 23 गवाहों का मुख्य परीक्षण कराया और बचाव पक्ष ने उनसे जिरह की। मुकदमे में करीब 337 तारीखों तक सुनवाई चलने की जानकारी भी सामने आई है। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने कानूनी बिंदुओं पर बहस के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके कारण 5 सितंबर को प्रस्तावित फैसला टाल दिया गया था। इसके बाद अदालत ने 19 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।
शनिवार को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत के फैसले के साथ ही इस चर्चित हत्याकांड में हर्ष सिंह और नंदकुमार सिंह उर्फ मामा के खिलाफ चली लंबी ट्रायल प्रक्रिया का यह चरण समाप्त हो गया। हालांकि, इस मामले में पटना के चंदन शर्मा के खिलाफ अलग से ट्रायल चलने और रंजय सिंह की रेकी के आरोपी बताए गए हरेंद्र सिंह के संबंध में जांच की स्थिति अलग है।

