जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में चल रहे तीन दिवसीय श्री गो-कृपा कथा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को गौ-पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज से गौ-महिमा, गौसेवा और सनातन संस्कृति से जुड़े प्रसंग सुने।
कथा के दौरान संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और नई पीढ़ी के बीच अपनी संस्कृति से जुड़ाव को लेकर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे पाश्चात्य संस्कृति में पढ़ रहे हैं, ऐसे में उन्हें गौवंश, भारतीय संस्कृति, संस्कार और सनातन परंपराओं की जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना समाज की जिम्मेदारी है।
संत ग्वाल श्री महाराज ने गौ-महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुसार गौ केवल एक पशु नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड और तैंतीस कोटि देवी-देवताओं की अधिष्ठान शक्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौसेवा को जीवन का हिस्सा बनाने और आने वाली पीढ़ी को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा को परिवार और समाज के हित से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
कई गणमान्य लोग हुए शामिल
दूसरे दिन की कथा में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह और मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में गोविंद डोडराजका, रमेश अग्रवाल, दिलीप तुलस्यान, राजेश पसारी, प्रेमलता अग्रवाल, राजकुमार साह, सीताराम अग्रवाल, चंद्रकांत झटाकिया, किशन अग्रवाल, बिमल गुप्ता, दीनदयाल कौंटिया, मनोज गोयल, दिलीप कौंटिया, दिलीप गोयल, शिवशंकर सिंह, बिमल मुरारका सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
आयोजन समिति ने संभाली व्यवस्थाएं
महोत्सव की व्यवस्थाओं में पुरुष और महिला आयोजन समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के लिए कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर अन्य जिम्मेदारियां संभालीं।
कथा के समापन पर गौ माता की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। प्रसाद वितरण की सेवा श्री राणी सती सत्संग समिति की ओर से की गई। समिति के अध्यक्ष अनिल रिंगासिया समेत अन्य सदस्यों ने सेवा दी।
20 सितंबर को होगा अंतिम दिन का आयोजन
श्री गो-कृपा कथा महोत्सव का अंतिम दिन 20 सितंबर को शाम 4 बजे से 7 बजे तक कुसुम कमानी ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर में आयोजित होगा। अंतिम दिन भी संत ग्वाल श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज गौ-महिमा और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर कथा प्रस्तुत करेंगे।

