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*वार्षिक आमसभा की सूचना को लेकर चैंबर में उठे सवाल, कमल कुमार लाठ ने जारी किया खुला पत्र*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की वार्षिक आमसभा को लेकर संस्था के सदस्य कमल कुमार लाठ ने खुला पत्र जारी कर निर्धारित प्रक्रिया और सूचना देने के नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चैंबर के सभी सदस्यों से संस्था की नियमावली, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने की अपील की है।

खुले पत्र में कमल कुमार लाठ ने कहा है कि पश्चिमी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सभी सदस्यों का साझा मंच है। संस्था की प्रतिष्ठा, गरिमा और नियमों की रक्षा करना प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संस्था की नियमावली और पारदर्शिता को लेकर सवाल सामने आए हैं।

कमल कुमार लाठ के अनुसार चैंबर की नियमावली में वार्षिक आमसभा की सूचना सदस्यों को 15 दिन पहले दिए जाने का प्रावधान है। इससे सदस्यों को बैठक की तैयारी करने, अपने सुझाव रखने और प्रस्तावों को आमसभा में प्रस्तुत करने का पर्याप्त समय मिलता है।

उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को व्हाट्सऐप और फोन के माध्यम से सदस्यों को सूचना दी गई कि 20 सितंबर को चाईबासा के पिल्लई हॉल में वार्षिक आमसभा आयोजित की जाएगी। ऐसे में सदस्यों को बैठक की तैयारी और सहभागिता के लिए निर्धारित 15 दिनों की तुलना में कम समय मिला।

खुले पत्र में कमल कुमार लाठ ने चैंबर के अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल का व्यक्तिगत सम्मान करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका सवाल संस्था की नियमावली और प्रक्रिया के पालन को लेकर है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति और पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन संस्था बनी रहती है। इसलिए किसी व्यक्ति से ऊपर संस्था और उसकी नियमावली को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सदस्यों से नियमावली के अनुरूप वार्षिक आमसभा आयोजित करने, 15 दिन की पूर्व सूचना के प्रावधान का पालन सुनिश्चित करने तथा संस्था की गरिमा, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।

कमल कुमार लाठ ने कहा कि यह किसी व्यक्ति के विरुद्ध लड़ाई नहीं, बल्कि प्रक्रिया से जुड़े सवालों को सामने रखने का प्रयास है। उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि संस्था की नियमावली और सदस्यों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सवाल केवल एक आमसभा का नहीं, बल्कि भविष्य में संस्था किस प्रक्रिया और परंपरा के अनुसार चलेगी, इसका भी है।

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