मनोहरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित निर्माणाधीन नंदपुर पंचायत भवन के सुंदरीकरण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि रंग-रोगन का कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है और सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की पुताई में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है। उनका दावा है कि पहली ही बारिश के बाद भवन की दीवारों का रंग फीका पड़ने लगा है। इसके अलावा पंचायत भवन के मुख्य गेट के पास का फर्श पहले से क्षतिग्रस्त है, लेकिन उसकी मरम्मत कराने के बजाय केवल रंग-रोगन कर उसे ढंकने का प्रयास किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी वेंडर के माध्यम से कराए जा रहे इस सुंदरीकरण कार्य में गुणवत्ता का अभाव दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि कार्य में केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि सरकारी राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंचायत के मुखिया को भी पंचायत भवन के सुंदरीकरण के लिए स्वीकृत राशि की स्पष्ट जानकारी नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन के सुंदरीकरण के लिए लगभग 10 से 12 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने पंचायत भवन में गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुंदरीकरण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में संबंधित विभाग या कार्य एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

