चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के भ्रमण के दूसरे दिन शुक्रवार को उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरंगा में निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार की नजर विद्यालय में कार्यरत दिव्यांग शिक्षक गुलशन लोहार पर पड़ी। शारीरिक चुनौती के बावजूद पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ बच्चों को पढ़ाने वाले गुलशन लोहार से उपायुक्त ने बातचीत की और उनके शिक्षण कार्य की जानकारी ली। शिक्षक की लगन से प्रभावित उपायुक्त ने उन्हें अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
उपायुक्त ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण के साथ किया गया प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बनता है। गुलशन लोहार जिस तरह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वह विद्यार्थियों और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने शिक्षक के अनुभव, विद्यालय में उनकी भूमिका और विद्यार्थियों के साथ उनके जुड़ाव के बारे में भी जानकारी ली।
इसके बाद उपायुक्त ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें कौन-कौन से विषय पढ़ाए जा रहे हैं, पढ़ाई में उनकी रुचि कैसी है और विद्यालय में पढ़ाई के लिए किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों को भी देखा। विद्यालय प्रबंधन से पढ़ाई की स्थिति, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने विद्यालय में तैयार हो रहे मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाना तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कर्मियों को बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति के लिए गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन भी महत्वपूर्ण है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यालय प्रबंधन को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वच्छता, अनुशासन व पोषण के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

