चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिला अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) में पिछले एक सप्ताह से खतियान निर्गत करने का कार्य बंद पड़ा है। इसके कारण जमीन संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि प्रिंटिंग मशीनों में तकनीकी खराबी आने के कारण खतियान की छपाई का काम बाधित है।
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा जाति मोर्चा के झारखंड प्रदेश मंत्री एवं अधिवक्ता हेमन्त कुमार केशरी ने उपायुक्त को पत्र लिखकर जल्द तकनीकी समस्या दूर कराने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में बताया है कि चाईबासा स्थित जिला अभिलेखागार में पश्चिम सिंहभूम के साथ-साथ जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले की जमीन से संबंधित पुराने रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखे गए हैं। यहां रोजाना लगभग 300 से 400 आवेदन खतियान प्राप्त करने के लिए जमा होते हैं। ऐसे में खतियान निर्गत नहीं होने से आम लोगों को जमीन संबंधी जरूरी कामों में परेशानी हो रही है।
हेमन्त कुमार केशरी ने बताया कि इससे पहले सितंबर महीने में भी तकनीकी खराबी के कारण खतियान की छपाई का काम बंद हो गया था। उस समय भी उन्होंने उपायुक्त को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद तकनीकी समस्या दूर होने पर लगभग 15 दिनों बाद खतियान निर्गत करने का काम शुरू हुआ था।
उन्होंने उपायुक्त से पुनः अनुरोध किया है कि अभिलेखागार की प्रिंटिंग मशीनों में आई खराबी को जल्द ठीक कराया जाए, ताकि आम जनता को जमीन संबंधी कार्यों के लिए खतियान और अन्य जरूरी दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकें।

