जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान अपर नगर आयुक्त के कामकाज पर सवाल उठाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने निगम में निविदा प्रक्रिया और विकास योजनाओं के चयन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अपर नगर आयुक्त के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।
सरयू राय ने अपने पत्र में पूर्व में प्रकाशित और प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी निविदाओं को रद्द करने तथा नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद भी पुरानी दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित किए जाने का मुद्दा उठाया है।
3.58 करोड़ की छह निविदाएं रद्द करने पर सवाल
सरयू राय के अनुसार, निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/01/2026-27 के तहत 13 अप्रैल 2026 को छह योजनाओं के लिए निविदा प्रकाशित की गई थी। इन योजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 3.58 करोड़ रुपये थी। विधायक का कहना है कि निविदाएं खोली जा चुकी थीं, तुलनात्मक वित्तीय विवरणी तैयार हो गई थी और योजनाओं के निष्पादन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी। इन योजनाओं को नगर विकास विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति भी प्राप्त थी।
आरोप है कि इसके बावजूद वर्तमान अपर नगर आयुक्त ने इन निविदाओं का निष्पादन करने के बजाय उन्हें रद्द कर दिया। सरयू राय का कहना है कि इससे आवश्यक विकास योजनाओं का क्रियान्वयन लंबित हुआ।
22 योजनाओं की निविदा रद्द करने का भी मुद्दा
विधायक ने UDHD/MMC/04/2025-26 और UDHD/MMC/11/2025-26 के तहत प्रकाशित निविदाओं को रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया है। इन दोनों निविदाओं में करीब 2.06 करोड़ रुपये की 22 योजनाएं शामिल थीं।
सरयू राय के मुताबिक, इन निविदाओं को खोला जा चुका था और संवेदकों का चयन भी हो गया था। कार्यादेश जारी होने के बाद उनसे अग्रधन भी जमा कराया गया था। उनका कहना है कि जिन चयनित संवेदकों ने काम शुरू नहीं किया था, उन्हें नियमानुसार नोटिस देने के बाद कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन निविदाएं ही रद्द कर दी गईं।
पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा
सरयू राय ने नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बावजूद पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा निकाले जाने पर भी सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न कार्य विभागों की योजनाओं के लिए नई निर्धारित दर-सूची प्रकाशित की है। इसके बावजूद मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त की ओर से पुरानी दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित की गई। इन योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि करीब 5.58 करोड़ रुपये बताई गई है।
विधायक का कहना है कि नई दर-सूची जारी होने के बाद पुरानी दर-सूची पर निविदा निकालना उचित नहीं है।
विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव का आरोप
सरयू राय ने मानगो नगर निगम में विकास योजनाओं के चयन को लेकर भी सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव किया जा रहा है और अपर नगर आयुक्त बाहरी दबाव में काम कर रहे हैं।
विधायक ने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते वह नगर निगम बोर्ड के पदेन सदस्य हैं। इसके बावजूद 55 योजनाओं की प्रकाशित निविदा में उनके कार्यालय की ओर से भेजी गई एक भी योजना को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव में किया जा रहा भेदभावपूर्ण आचरण बताया है।
नगर निगम बोर्ड की बैठक को लेकर भी सवाल
सरयू राय ने मानगो नगर निगम बोर्ड की बैठकों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह होनी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक 18 अगस्त 2026 को हुई थी, जो उनके अनुसार चार महीने के अंतराल के बाद बुलाई गई थी।
उनका कहना है कि पिछली बैठक के एक महीने बाद भी अगली बैठक बुलाने की सूचना नहीं दी गई है। साथ ही पिछली बैठक की कार्यवाही भी बोर्ड सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने बैठक की कार्यसूची समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी आरोप लगाया है।
अधिकारियों की पदस्थापना पर भी उठाया सवाल
विधायक ने मानगो नगर निगम में अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाया है। पत्र में उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विजय कुमार वर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपर नगर आयुक्त से वरीय होने के बावजूद उनके अधीन उप नगर आयुक्त के पद पर कार्य कर रहे हैं।
सरयू राय ने इसे पदस्थापना से जुड़ी विसंगति बताते हुए सरकार से अपने विवेक के अनुसार इस मामले में निर्णय लेने का आग्रह किया है।
प्रधान सचिव से कार्रवाई की मांग
सरयू राय ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से पत्र में उठाए गए पहले पांच बिंदुओं के आधार पर मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के खिलाफ कथित अनियमितताओं को लेकर विधिसम्मत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वहीं, अधिकारियों की पदस्थापना से जुड़े छठे बिंदु पर सरकार से उचित निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
पत्र की प्रतिलिपि निदेशक, सूडा, झारखंड को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
नोट: पत्र में लगाए गए आरोप सरयू राय के हैं। संबंधित विभाग या मानगो नगर निगम की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

