जमशेदपुर। घाटशिला के अमाइनगर पुलिया के पास सड़क हादसे में पांच वर्षीय बच्ची और उसके पिता की मौत के बाद गुरुवार को परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। गोपालपुर फाटक के समीप लोगों ने सड़क जाम कर आवागमन ठप कर दिया। करीब दो घंटे तक चले जाम से घाटशिला-मुसाबनी, मोहंडरा समेत आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। गोपालपुर सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।
बताया गया कि 2 सितंबर की रात सुवर्णरेखा नदी का बढ़ा जलस्तर देखने के लिए सुब्रतो सिन्हा अपने परिवार के साथ अमाइनगर पुलिया पहुंचे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार संख्या जेएच05डीके-0236 ने पुलिया के पास खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना में सुब्रतो सिन्हा (42), उनकी पत्नी सुष्मिता सिन्हा, पांच वर्षीय बेटी श्रेया कृष्णा सिन्हा और दो वर्षीय चांद सिन्हा घायल हुए थे। इलाज के दौरान करीब चार दिन पहले श्रेया की मौत हो गई थी। बुधवार को बेहतर इलाज के लिए सुब्रतो को जमशेदपुर से कोलकाता ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के पिता-पुत्री की मौत से इलाके में शोक के साथ आक्रोश फैल गया।
प्रदर्शनकारियों ने घाटशिला में नशामुक्ति केंद्र खोलने, तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को झारखंड राज्य आजीविका मिशन में नौकरी तथा दुर्घटना के जिम्मेदार पक्ष से 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि नशे और तेज रफ्तार के कारण क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
सूचना पर घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मुंडा और अंचल अधिकारी निशांत अमर मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हुई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मौके पर सुदीप्तो सिन्हा, सुमन सिन्हा, मुखिया प्रतिनिधि सुखलाल हांसदा, अंपा हेंब्रम, श्याम सुंदर बारिक, उत्तम दास, राम पात्रो, संजीव नायक, कलीराम शर्मा, सुभो चटर्जी और आशीष रॉय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

