नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। घटना के दौरान को-पायलट द्वारा कैप्टन पर चाकू से हमला किए जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। हमले में भारतीय कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए। उन्हें और दूसरे पायलट को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। विमान में सवार सभी 174 यात्रियों को सुरक्षित बताया गया है।
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक कम होने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। इसी बीच कॉकपिट में मौजूद लोगों और चालक दल ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए। रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के अतिरिक्त पायलटों ने भी नियंत्रण संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने परिस्थितियों का सामना किया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि हमले के दौरान विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया गया था। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और हमले के पीछे की मंशा अभी जांच का विषय है। फ्लाईदुबई ने कॉकपिट में हुई झड़प की पुष्टि की है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।
कैप्टन स्मित मछार के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह मुंबई के रहने वाले भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड में कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद गुरुग्राम के मानेसर स्थित प्रशिक्षण संस्थान से बोइंग-737 विमान की टाइप रेटिंग पूरी की। फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले वह स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं और वर्ष 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे।
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार के साहस और कठिन परिस्थितियों में उनके संकल्प की सराहना की तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। सऊदी अरब के अधिकारियों की ओर से घटना की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के कारण, कॉकपिट में हुए घटनाक्रम और विमान के अचानक नीचे आने की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

