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जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा टला नहीं, खतरे के निशान से ऊपर बह रही खरकई; चांडिल डैम से लगातार पानी की निकासी

जमशेदपुर।शहर में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि जलस्तर में गिरावट का रुझान सामने आने से फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर चांडिल डैम, गांजिया बराज और गालूडीह बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

जमशेदपुर बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सुवर्णरेखा भवन आदित्यपुर की ओर से रविवार 30 अगस्त की सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर 129.21 मीटर दर्ज किया गया। इस स्थान पर खतरे का निशान 129.00 मीटर है। ऐसे में नदी खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि रिपोर्ट में जलस्तर में गिरावट दर्ज होने की बात कही गई है, जिससे फिलहाल बड़ी राहत मानी जा रही है।

चांडिल डैम में रविवार सुबह जलस्तर 179.27 मीटर दर्ज किया गया। डैम में कुल 423.05 एमसीएम पानी का संचय है। जलदबाव को नियंत्रित करने के लिए डैम से कुल 763.89 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 748.89 क्यूमेक पानी सुवर्णरेखा नदी में और 15 क्यूमेक पानी मुख्य नहर में भेजा जा रहा है। पानी की निकासी के लिए डैम के 13 रेडियल गेट, दो रिवर स्लूइस गेट और दो इमरजेंसी स्लूइस गेट खुले हैं।

आदित्यपुर के गांजिया बराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। रविवार सुबह यहां जलस्तर 134.50 मीटर दर्ज किया गया। बराज के सभी आठ फाटक खोलकर 1013.09 क्यूमेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। इससे खरकई नदी के प्रवाह पर इसका असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।

वहीं मानगो ब्रिज के पास सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 119.60 मीटर दर्ज किया गया है। गालूडीह बराज का जलस्तर 92.40 मीटर है। यहां छह स्लूइस गेट और तीन केनाल गेट के माध्यम से कुल 1878.27 क्यूमेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है।

ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश के कारण वहां के जलाशयों से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इसका असर खरकई और सुवर्णरेखा नदियों के जलप्रवाह पर पड़ रहा है। ऐसे में जमशेदपुर और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फिलहाल खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के बावजूद इसमें कमी का रुझान राहत देने वाला है। हालांकि चांडिल डैम और अन्य बराज से जारी पानी की निकासी तथा ओडिशा में बारिश की स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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