जमशेदपुर। चर्चित युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच के दौरान शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मामले में पूछताछ के लिए पुलिस की निगरानी में रखे गए सोनारी निवासी अशोक सिंह राघव की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि अशोक सिंह से पिछले चार दिनों से चांडिल थाना में पूछताछ की जा रही थी। शनिवार सुबह उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई और उसे खून की उल्टियां होने लगीं।
अशोक सिंह की तबीयत बिगड़ते ही पुलिसकर्मी उसे तत्काल जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसकी जांच करने के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद उसे टाटा मुख्य अस्पताल यानी टीएमएच ले जाया गया, जहां उसे क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार, निखार सबलोक हत्याकांड की जांच के क्रम में पुलिस अशोक सिंह से लगातार पूछताछ कर रही थी। उसे चांडिल थाना में रखकर हत्याकांड से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी बीच यह चर्चा भी सामने आई है कि पूछताछ के दौरान उसके साथ कथित तौर पर सख्ती बरती गई थी और थर्ड डिग्री दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अशोक सिंह को पुलिस ने किन परिस्थितियों में निगरानी में रखा था और उससे पूछताछ के दौरान क्या जानकारी सामने आई, इसे लेकर भी पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, थाना परिसर में पूछताछ के दौरान अचानक खून की उल्टियां होने की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
अशोक सिंह को टीएमएच में भर्ती किए जाने के बाद अस्पताल में भी पुलिस की तैनाती की गई है। उसकी स्थिति फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में बताई जा रही है। उसकी तबीयत खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह मेडिकल जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इधर, निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस पहले से ही कई संभावित पहलुओं को खंगाल रही है। हत्याकांड से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने के साथ उनके आपराधिक संपर्क और घटना के संभावित कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे समय में जांच के दायरे में आए एक संदिग्ध की पुलिस निगरानी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ना मामले में एक नया घटनाक्रम माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों की चुप्पी के बीच अब सभी की नजर अशोक सिंह की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस के आधिकारिक बयान पर है। इन्हीं के सामने आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि उसकी तबीयत अचानक किस वजह से बिगड़ी और इस घटना का निखार सबलोक हत्याकांड की जांच पर क्या असर पड़ता है।

