जमशेदपुर। ओडिशा के मयूरभंज जिले में हो रही लगातार बारिश का असर अब पूर्वी सिंहभूम जिले में भी दिखाई देने लगा है। जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार खरकई नदी का जलस्तर आदित्यपुर पुल के समीप 128.05 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 129 मीटर निर्धारित है। इस तरह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 95 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़कर 118.80 मीटर हो गया है। स्वर्णरेखा नदी के लिए खतरे का निशान 121.50 मीटर है।
अधिकारियों के अनुसार नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुई भारी बारिश है। लगातार बारिश के कारण वहां बैंकवेल और खरकई डैम के दो-दो स्पिलवे गेट को 0.30 मीटर तक खोल दिया गया। इसके बाद डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक खरकई डैम से 57.642 क्यूमेक और ब्यांगबिल डैम से 46.562 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। दोनों डैम से कुल 104.204 क्यूमेक पानी छोड़े जाने के बाद यह पानी करीब 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए शनिवार सुबह जमशेदपुर पहुंचा। इसके बाद खरकई और स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई।
प्रशासन लगातार दोनों नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रहने पर नदी किनारे बसे निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

