चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति, जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स, जिला श्रम टास्क फोर्स और जिले में विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर बैठक हुई। बैठक में सिविल सर्जन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सहायक समाहर्ता समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा उपाय, बाल श्रम एवं बाल तस्करी पर नियंत्रण तथा आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा में जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि अगस्त में हुई सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े जिले के नौ ब्लैक स्पॉट का स्थल निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनाओं के संभावित कारणों को चिह्नित किया गया। समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश दुर्घटनाएं अपराह्न तीन बजे से रात नौ बजे के बीच हुई हैं। इस पर उपायुक्त ने इस समयावधि में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने मुख्य सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर युवाओं द्वारा सेल्फी व फोटो लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी का निर्देश दिया। मनोहरपुर और मंझारी थाना क्षेत्र में विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
मुख्य सड़कों के किनारे स्थित विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के आसपास आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया गया। तेज गति से वाहन चलाने वाले बाइकर्स को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाने को कहा गया। विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने तथा ब्रेथ एनालाइजर से वाहन चालकों की जांच नियमित करने का भी निर्देश दिया गया।
*बाल श्रम और तस्करी पर कार्रवाई के निर्देश*
जिला श्रम टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने दुकानों, होटलों, ईंट-भट्ठों और कल-कारखानों में नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। बाल श्रम पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा बाल तस्करी की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने को कहा।
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा श्रमिकों का निबंधन कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
*पर्व-त्योहारों में विधि-व्यवस्था और यातायात पर विशेष निगरानी*
विधि-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने श्रावणी मेला और श्रावणी मार्च के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को बधाई दी। उन्होंने आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सभी विभागों और पुलिस पदाधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार यातायात प्रबंधन और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने मुख्य सड़कों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप, दवा दुकानों, प्रमुख भवनों, सरकारी कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने को कहा। जिले में अवैध लॉटरी के विरुद्ध नियमित और प्रभावी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों, पुलिस पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमित निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़क सुरक्षा, बाल संरक्षण, श्रमिक कल्याण और विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों में निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन करने पर जोर दिया।

