चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार 60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा परिसर में अधिकार मित्रों (पैरा-लीगल वॉलंटियर) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण का संचालन डीएलएसए के सचिव रवि चौधरी ने किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकार मित्रों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों और आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सुविधाओं की जानकारी देना तथा जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित करना था।
प्रशिक्षण के दौरान रवि चौधरी ने बताया कि अधिकार मित्र NALSA की महत्वपूर्ण अवधारणा हैं, जो पैरा-लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में गांव-गांव तक कानूनी सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकार मित्रों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा असहाय व्यक्तियों, महिलाओं, SC/ST, दिव्यांगों और जरूरतमंद बच्चों को DLSA से जोड़ने की अपील की।
अधिकार मित्रों को NALSA के टोल फ्री नंबर 15100 और NALSA ऐप के बारे में जानकारी देकर इसके लाभों का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि जरूरतमंद या पीड़ित व्यक्ति को थाना, अस्पताल अथवा न्यायालय तक पहुंचने में सहयोग करना उनकी जिम्मेदारी है।
प्रशिक्षण के दौरान NALSA की दो प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें NALSA (मानसिक बीमारी और बौद्धिक विकलांग व्यक्तियों के लिए) योजना 2024 के तहत विशेष कानूनी सेवा इकाई LSUM (मनोन्याय) तथा NALSA (बच्चों के लिए बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं) योजना 2024 शामिल हैं। अधिकार मित्रों को मानसिक रोगियों की पहचान कर उन्हें संबंधित इकाई से जोड़ने तथा बाल विवाह, बाल श्रम और पॉक्सो से पीड़ित बच्चों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई।
रवि चौधरी ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान पीड़ितों की मदद करते हुए FIR दर्ज कराने, जीरो FIR, घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़िता को संरक्षण पदाधिकारी से संपर्क कराने तथा लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिकार मित्र न्याय का पहला दरवाजा हैं। उनका काम केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि लोगों में कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा करना भी है।
उन्होंने सभी अधिकार मित्रों को नियमित रूप से अपने क्षेत्र के थाने, पंचायत और आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण करने तथा जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करके DLSA को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी अधिकार मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को NALSA की विभिन्न योजनाओं से संबंधित बुकलेट उपलब्ध कराई गई।

