जमशेदपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व आईपीएस अधिकारी सह पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार ने चुनाव आयोग के आईटी सिस्टम को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए गोलमुरी थाने में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने चुनाव आयोग की डीजी (आईटी) डॉ सीमा खन्ना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में चुनाव आयोग के तकनीकी तंत्र में कथित अनियमितता, बाहरी आईटी वेंडर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की भूमिका और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया गया है।
डॉ अजय कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इसीआइनेट और इआरओनेट जैसे चुनावी सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश के चुनावी डेटाबेस को कथित तौर पर एक जगह केंद्रीकृत किया गया। उनका दावा है कि सॉफ्टवेयर लॉक और तकनीकी नियंत्रण के माध्यम से स्थानीय निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) के अधिकारों को सीमित किया गया, जिससे मतदाता सूची के स्थानीय स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
उन्होंने टीसीएस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निजी आईटी वेंडर के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर ऑनलाइन फॉर्म-6 सहित मतदाता पंजीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों में कथित बदलाव किए गए। डॉ अजय कुमार का दावा है कि इसके चलते बिना पर्याप्त भौतिक सत्यापन के बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
पूर्व सांसद ने इस पूरे मामले को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए डिजिटल साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक लॉग और अन्य ऑडिट रिकॉर्ड को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की है।
शिकायत में उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318, 336 और 340 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 72 और 72ए के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ईआरओ के अधिकारों में कथित कटौती, वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बदलाव और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से संभावित छेड़छाड़ की आशंका की जांच की मांग की है।
इधर, रविवार को गोलमुरी थाना प्रभारी प्रशांत कुमार ने बताया कि पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार की ओर से लिखित शिकायत मिली है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

