जमशेदपुर। भालुबासा स्थित मिस्टी होटल में सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री सह भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दुलाल भुईयां ने झारखंड सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और यही वजह है कि आज छात्र अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन झारखंड के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है और सरकार को उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।
दुलाल भुईयां ने जेपीएससी, जेएसएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीब परिवार अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए खेत और जमीन तक बेच देते हैं। माता-पिता की उम्मीद होती है कि पढ़ाई के बाद उनके बच्चों को रोजगार मिलेगा, लेकिन जब मेहनत करने के बावजूद परीक्षा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितता सामने आती है तो युवा मानसिक रूप से टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ बेहद गंभीर विषय है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों के आंदोलन को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लगातार आश्वासन देकर छात्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि कोयला, बालू और खनिज की कथित चोरी से भी बड़ा अपराध युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है। दुलाल भुईयां ने कहा कि जिन युवाओं ने वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है, उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पार्टी कार्यकर्ताओं को आंदोलन के लिए निर्देश देते हैं तो भाजपा के कार्यकर्ता सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष को तेज किया जाएगा।
दुलाल भुईयां ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार के कुछ प्रमुख नेताओं पर निशाना साधते हुए उनके रहन-सहन और जीवनशैली को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए और युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आने वाले समय में जनता सरकार के खिलाफ अपना जनादेश देगी और उसे सत्ता से बाहर कर देगी।

