सिमडेगा। जिले के बांसजोर ओपी क्षेत्र में गौवंशीय पशु के अवैध वध और मांस की बिक्री के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और घटनास्थल से करीब 17 किलोग्राम संदिग्ध गौवंशीय पशु का मांस बरामद किया है। मांस काटने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी पुलिस ने जब्त की है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को सूचना मिली थी कि सिहारजोर स्थित सुरीन टोली के समीप दाउद कन्डुलना और कुछ अन्य लोग कथित रूप से गौवंशीय पशु का वध कर मांस की बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमडेगा के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया। टीम में जलडेगा के पुलिस निरीक्षक, ओपी प्रभारी सहित पुलिस बल के जवान शामिल थे।
पुलिस टीम ने शनिवार सुबह करीब 7.50 बजे सुरीन टोली में दाउद कन्डुलना के घर से लगभग 200 मीटर दूर जामडीह नदी के पास छापामारी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद कुछ लोग नदी और जंगल का फायदा उठाकर भागने लगे। हालांकि पुलिस जवानों ने पीछा कर दो लोगों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 45 वर्षीय दाउद कन्डुलना, निवासी सिहारजोर सुरीन टोली, बांसजोर ओपी क्षेत्र और 35 वर्षीय संदीप टेटे, निवासी भुकुमुंडा खास, बांसजोर ओपी क्षेत्र के रूप में हुई है। घटनास्थल से बरामद मांस को जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया के साथ पुलिस ने अन्य सामग्री भी जब्त कर ली है।
इस मामले में जलडेगा (बांसजोर ओपी) थाना कांड संख्या 49/2026 के तहत झारखंड गौवंशीय हत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2005 की धारा 12(1)/12(2) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 9 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले में फरार अन्य लोगों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।

