लोहरदगाः ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, लोहरदगा माइंस डिवीजन की सीएसआर इकाई की ओर से खान क्षेत्रों में बरसात के मौसम में उगाए जाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज का वितरण किया गया। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से सीमांत एवं छोटे किसानों को उपलब्ध कराए गए इस बीज से क्षेत्र के किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आय में वृद्धि का अवसर मिलेगा। सीएसआर पहल के तहत खान प्रभाग के पाखर, बगडु, सेरेंगदाग, बिमरला, अमतीपानी-चिरोडीह, गुरदारी, अमतीपानी, कुजाम, टोरी एवं रिचूघुटा समेत विभिन्न खनन क्षेत्रों में कुल 560 क्विंटल बरसाती आलू बीज का वितरण किया गया। इस योजना से 227 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 83 गांवों के कुल 1,571 किसान लाभान्वित होंगे। उपलब्ध कराए गए बीज से लगभग 28 हेक्टेयर भूमि में आलू की खेती की जाएगी। इस अवसर पर हिंडालको सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आजीविका को मजबूत करने के लिए कृषि क्षेत्र में सहयोग बेहद जरूरी है। हिंडालको सीएसआर का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी तथा ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिंडालको सीएसआर सामुदायिक विकास, सतत कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। किसानों के साथ मिलकर आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों के निर्माण के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में सीएसआर विभाग के अधिकारी, खान प्रबंधक एवं वरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, किसान क्लब के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कृषि में सहयोग से ही सशक्त होगी ग्रामीण आजीविका: नीरज कुमार हिंडालको सीएसआर ने खान क्षेत्रों में महिला समूहों के बीच बांटे 560 क्विंटल बरसाती आलू बीज, 1,571 किसान होंगे लाभान्वित

