लोहरदगाः 10 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय ट्रेड यूनियनों तथा स्वतंत्र सेवा संगठनों के मंच के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर 10 अगस्त 2026 को लोहरदगा में किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन को लेकर मजदूर एवं किसान संगठनों ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। कार्यक्रम का आयोजन नेताजी सुभाष चौक, लोहरदगा में किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में किसान, मजदूर एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग जुटकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार से किसानों को सस्ती दर पर खाद, बीज एवं कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही मजदूर विरोधी बताए जा रहे चार लेबर कोड को तत्काल वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। संगठनों का कहना है कि श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर बनाए गए प्रावधानों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान किसानों, मजदूरों एवं छात्रों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। संगठनों ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों, मजदूरों एवं छात्रों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। वहीं, आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों का समुचित एवं नि:शुल्क इलाज कराने तथा उन्हें 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। संगठन के महेश सिंह आदि नेताओं ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में अब सड़क से लेकर जेल तक संघर्ष करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने जिले के किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों से 10 अगस्त को नेताजी सुभाष चौक पहुंचकर जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसान और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष को और व्यापक बनाने का संदेश देगा।
किसान-मजदूरों का जेल भरो आंदोलन 10 अगस्त को, नेताजी सुभाष चौक पर होगा प्रदर्शन

