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Fri. Jul 31st, 2026

हाथियों के बढ़ते आतंक पर डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने जताई चिंता, वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग

जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने शुक्रवार को जमशेदपुर वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी से उनके सीएच एरिया स्थित कार्यालय में मुलाकात कर जिले के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के बढ़ते उत्पात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने वन विभाग से ग्रामीणों के जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रभावी, त्वरित और दीर्घकालिक कदम उठाने का आग्रह किया।

डॉ. गोस्वामी ने कहा कि चाकुलिया और बहरागोड़ा क्षेत्र में पिछले दस वर्षों के दौरान हाथियों के हमलों में 47 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 41 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2026 में ही अब तक हाथियों के हमले में पांच लोगों की मौत हो चुकी है और पांच अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि हाथियों के झुंड लगातार गांवों में प्रवेश कर मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। जंगल से सटे गांवों के लोग हर रात भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

उन्होंने वन विभाग से हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से दलमा के घने जंगलों की ओर वापस भेजने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही चाकुलिया प्रखंड के कालियाम गांव निवासी अनिल महतो, जिनकी हाथी के हमले में मृत्यु हुई थी, के परिजनों को सरकार द्वारा निर्धारित 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

डॉ. गोस्वामी ने हाथी प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में टॉर्च, मशाल, पटाखे और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने जंगल से सटे गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे रात के समय हाथियों की गतिविधियों का समय रहते पता चल सकेगा और संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों का संरक्षण भी वन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए विभाग को स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर वैज्ञानिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए, ताकि मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में कमी लाई जा सके।

इस दौरान भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा भी मौजूद रहे।

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