चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित कुमारडुंगी थाना परिसर में मनकी-मुंडा संघ, कुमारडुंगी समिति और थाना प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की सामाजिक, पारंपरिक तथा विधि-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता मनकी-मुंडा संघ की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा ने की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की भूमि पर यदि किसी प्रकार का अवैध या जबरन कब्जा किया गया है तो ऐसे मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत वास्तविक खतियानी रैयतों को न्याय दिलाने के लिए संघ हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों का समाधान कानून और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही होना चाहिए।
बैठक में आदिवासी भूमि की सुरक्षा और भूमि वापसी के मुद्दे पर चर्चा करते हुए अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर मूल खतियानी रैयतों को उनकी भूमि वापस दिलाने की मांग की गई।
सामाजिक एवं पारंपरिक विषयों पर चर्चा के दौरान आदिवासी महिलाओं के गैर-आदिवासी से विवाह तथा उससे जुड़े सामाजिक और प्रमाण-पत्र संबंधी मामलों पर भी सदस्यों ने अपने विचार रखे।
बैठक में मझगांव प्रखंड के पांडुकी गांव स्थित हो समाज के पवित्र देशाउली स्थल पर हुई मारपीट और स्थल को अपवित्र किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की गई। सदस्यों ने जिला प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा गया कि समय पर कार्रवाई नहीं होने पर मनकी-मुंडा संघ लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर आगे की रणनीति तय करेगा।
मझगांव और कुमारडुंगी क्षेत्र में लगातार हो रही गाय, बैल और बकरी चोरी की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। बैठक में पुलिस प्रशासन से नियमित गश्ती बढ़ाने, चोरी

