रांची। रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने बुधवार को सतर्कता और त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन संख्या 15028 से यात्रा कर रहे तीन नाबालिग बालकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। तीनों बच्चे अपने घर से बिना किसी को बताए रोजगार की तलाश में निकल पड़े थे। समय रहते कार्रवाई होने से उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया गया।
जानकारी के अनुसार 22 जुलाई 2026 को रेल मदद के माध्यम से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15028 के सामान्य कोच में तीन नाबालिग बालक अकेले सफर कर रहे हैं। सूचना मिलते ही ट्रेन की एस्कॉर्ट टीम और आरपीएफ पोस्ट रांची सक्रिय हो गई। ट्रेन के रांची रेलवे स्टेशन पहुंचते ही तीनों बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे आपस में मित्र हैं और बेहतर आजीविका की तलाश में अपने घर से बिना परिजनों को बताए निकल आए थे। उनकी पहचान दिलखुश कुमार (15 वर्ष), पिता दुर्बल दास, रोहित कुमार (15 वर्ष), पिता टुनटुन टाटी तथा सुभाष कुमार (15 वर्ष), पिता भोला टाटी के रूप में हुई। तीनों बिहार के बेगूसराय जिले के नवगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनापुर गांव के रहने वाले हैं।
आरपीएफ ने आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत तीनों नाबालिगों को आगे की कार्रवाई के लिए सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन प्रतिनिधि के सुपुर्द कर दिया।
इस सफल रेस्क्यू अभियान में ट्रेन संख्या 15028 की एस्कॉर्ट टीम के एएसआई डी.के. सिंह, एस.के. साहू, शशि कुमार साहू और संजय कुमार के साथ-साथ आरपीएफ पोस्ट रांची की एसआई सुनीता तिर्की, एएसआई सुरेन्द्र कुमार एवं कांस्टेबल अमित कुमार की सक्रिय भूमिका रही। अधिकारियों ने उनकी तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की।

