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Wed. Jul 22nd, 2026

तीन वर्ष बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला परिजनों से मिली, पुलिस व संस्था के प्रयास से हुआ पुनर्मिलन

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित कुमारडूंगी से लगभग तीन वर्ष पहले लापता हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों से मिलाया गया। इस मानवीय कार्य में नागपुर स्थित श्रद्धावान सेंटर के कर्मियों, चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) तथा कुमारडूंगी थाना प्रभारी सुनील चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जानकारी के अनुसार, महिला करीब तीन वर्ष पहले अपने घर से लापता हो गई थी। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह भटकते हुए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंच गई। वहां उसकी पहचान होने पर नागपुर की सामाजिक संस्था श्रद्धावान सेंटर ने उसे अपने संरक्षण में रखा और उसकी देखभाल करते हुए परिजनों की तलाश शुरू की।

संस्था के कर्मियों ने मोबाइल के माध्यम से स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और कुमारडूंगी थाना प्रभारी सुनील चौधरी के सहयोग से महिला के परिजनों की पहचान की गई। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।

करीब तीन वर्ष बाद अपनी बेटी को सकुशल सामने देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्यों ने श्रद्धावान सेंटर के कर्मियों, पुलिस अधिकारियों तथा इस कार्य में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुलिस ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ और लापता व्यक्तियों की खोज में सामाजिक संस्थाओं तथा पुलिस के समन्वित प्रयास से कई परिवारों को उनके बिछड़े सदस्यों से दोबारा मिलाया जा सकता है। यह घटना संवेदनशीलता, समन्वय और समय पर किए गए प्रयासों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

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