खूंटी। जिले के तोरपा प्रखंड में सोमवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोटेगसेरा स्थित मौसीबाड़ी के समीप रथ का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार से स्पर्श कर गया, जिससे पूरे रथ में करंट फैल गया। हादसे में दो स्कूली छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब एक बजे श्रीहरि प्लस टू सरकारी स्कूल के 12वीं कक्षा के कई छात्र लंच ब्रेक के दौरान रथयात्रा देखने और उसमें शामिल होने के लिए मौसीबाड़ी पहुंचे थे। इसी दौरान श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचकर आगे बढ़ा रहे थे। तभी रथ का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन से छू गया और देखते ही देखते पूरे रथ में करंट दौड़ गया।
करंट फैलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। रथ को खींच रहे श्रद्धालु और आसपास मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह घायलों को रथ से अलग किया और एंबुलेंस तथा निजी वाहनों की सहायता से खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दो छात्रों को मृत घोषित कर दिया, जबकि सात अन्य का इलाज जारी है। इनमें तीन की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि रथयात्रा मार्ग पर बिजली के तारों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
तोरपा और आसपास के क्षेत्रों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धार्मिक आस्था का प्रमुख पर्व माना जाता है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस वर्ष भी भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे उत्सव को मातम में बदल दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

