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टाटा कमांड क्षेत्र में बिजली-पानी कनेक्शन पर रोक का विरोध, विजय आनंद मूनका ने कहा- दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं

जमशेदपुर: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FJCCI) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष (कोल्हान) विजय आनंद मूनका ने टाटा कमांड क्षेत्र में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) के अभाव में नव-निर्मित भवनों और आवासों को बिजली एवं पेयजल का नया कनेक्शन नहीं दिए जाने के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे जनहित के प्रतिकूल और अव्यावहारिक बताते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन को पत्र लिखकर इस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

मूनका ने कहा कि इस निर्णय से हजारों ऐसे परिवार प्रभावित हो रहे हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की पूंजी लगाकर घर या फ्लैट खरीदा है। कई भवन पूरी तरह तैयार हैं और लोग गृह प्रवेश भी कर चुके हैं, लेकिन केवल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उन्हें बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए।

उन्होंने बताया कि साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, बाराद्वारी समेत टाटा कमांड क्षेत्र के कई इलाकों में बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं और निजी मकान तैयार हैं, लेकिन नए आदेश के कारण वहां रहने वाले लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विजय आनंद मूनका ने सवाल उठाया कि यदि झारखंड के अन्य शहरों या पूर्वी सिंहभूम जिले के अन्य क्षेत्रों में यह नियम लागू नहीं है, तो केवल टाटा कमांड क्षेत्र के नागरिकों पर इसे लागू करना समानता के सिद्धांत के विपरीत है। उन्होंने कहा कि एक ही जिले में अलग-अलग नियम लागू करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि बिजली और स्वच्छ पेयजल किसी भी नागरिक की मूलभूत आवश्यकता और अधिकार हैं। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी होने में होने वाली देरी के लिए घर खरीदने वाले नागरिक जिम्मेदार नहीं होते, इसलिए उन्हें आवश्यक सुविधाओं से वंचित रखना उचित नहीं है।

मूनका ने यह भी कहा कि पूर्वी सिंहभूम पहले से ही सीएनटी एक्ट, टाटा कमांड क्षेत्र में रजिस्ट्री संबंधी जटिलताओं और अन्य प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में इस तरह के नए प्रतिबंध शहर के विकास, निवेश, रियल एस्टेट क्षेत्र और आम नागरिकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट संबंधी नई व्यवस्था लागू करनी है, तो उसे पूरे झारखंड या कम-से-कम पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में समान रूप से लागू किया जाए। केवल टाटा कमांड क्षेत्र के लिए अलग नियम बनाना उचित नहीं है।

विजय आनंद मूनका ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस जनहित के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगा और ऐसा निर्णय लेगा, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके तथा जमशेदपुर के संतुलित एवं समावेशी विकास को बढ़ावा मिले।

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