जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के गालूडीह थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। सुबह करीब 6:50 बजे चंद्ररेखा गांव के समीप स्वर्णरेखा नदी पर बने रेलवे पुल पर टाटा से हावड़ा जा रही स्टील एक्सप्रेस के ऊपर अचानक ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर गिर गया। घटना के बाद ट्रेन पुल के बीचों-बीच रुक गई और यात्रियों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी कि अचानक तेज चरमराहट की आवाज सुनाई दी। इसके साथ ही खिड़कियों के बाहर चिंगारियां उठती दिखाई दीं। कुछ ही क्षणों में करीब 25 हजार वोल्ट क्षमता वाला हाई-टेंशन ओएचई तार ट्रेन की छत पर आ गिरा। तार गिरते ही ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई और ट्रेन के भीतर करंट नहीं फैला, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
ट्रेन के लंबे समय तक पुल पर खड़े रहने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। कई यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल गालूडीह की ओर निकल पड़े और वहां से राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचकर अपने गंतव्य के लिए वैकल्पिक वाहनों का सहारा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। वरिष्ठ अधिकारी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा ट्रैक्शन रोलिंग डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले संबंधित सेक्शन की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, ताकि कार्य सुरक्षित तरीके से किया जा सके।
ओएचई तार टूटने की इस घटना से टाटा-हावड़ा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। समाचार लिखे जाने तक स्टील एक्सप्रेस दो घंटे से अधिक समय से रेलवे पुल पर खड़ी थी, जबकि रेलवे की तकनीकी टीम क्षतिग्रस्त ओएचई लाइन को दुरुस्त कर परिचालन सामान्य करने में जुटी हुई थी। रेलवे अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है।

