जमशेदपुर: केरला पब्लिक स्कूल, कदमा की ओर से अंतर-विद्यालयी कार्यक्रम ETHIKOS 2026 का आयोजन किया गया। ‘सिंहासन की गूंज – भारतीय राज्यों की विरासत का उत्सव’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में जमशेदपुर के 23 स्कूलों के 519 छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय विरासत, संस्कृति और परंपराओं को विद्यार्थियों के बीच जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के साथ उनमें नैतिकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना रहा।
सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि XLRI के एसोसिएट डीन-ऑनलाइन लर्निंग डॉ. गिरिधर रामचंद्रन रहे। कार्यक्रम में केरला पब्लिक स्कूल की अध्यक्ष मनोरमा नायर, निदेशक शरत चंद्रन, शैक्षणिक निदेशक लमी आर, संस्थापक प्राचार्य शांता वैद्यनाथन, प्राचार्य श्यामला मुखर्जी और प्रधानाध्यापिका अलमेलु विश्वशंकर समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ETHIKOS 2026 के तहत संगीत, नृत्य, नाट्य कला, वाद-विवाद, कहानी, केस स्टडी, सिमुलेशन, रचनात्मक प्रस्तुतियों और सहयोगी चुनौतियों समेत 11 अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास और विरासत से जोड़ते हुए आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, जिम्मेदार निर्णय लेने, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद प्राचार्य ने स्वागत भाषण दिया और सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। डॉ. गिरिधर रामचंद्रन ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस दौरान स्कूल बंधन की ओर से उनका सम्मान भी किया गया।
ETHIKOS का केंद्रीय उद्देश्य इतिहास को केवल अतीत की घटनाओं के रूप में देखने के बजाय ऐसे माध्यम के तौर पर प्रस्तुत करना रहा, जिससे युवा पीढ़ी समाज को आकार देने वाले विकल्पों और मूल्यों को समझ सके। ‘धर्म-अधर्म’, ‘चक्रव्यूह’ और ‘भाषा भारती’ जैसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सही-गलत की समझ, रणनीति, निर्णय लेने की क्षमता, विवेक और अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर विचार किया। कार्यक्रम में भारतीय राज्यों की विरासत को वर्तमान संदर्भ से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
प्रतियोगिताओं के समापन पर डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल को ओवरऑल चैंपियन का खिताब दिया गया और विद्या भारती चिन्मया विद्यालय उपविजेता रहा।
अंतिम दौर और परिणामों के साथ ETHIKOS 2026 का समापन हुआ। आयोजन ने विद्यार्थियों को इतिहास, प्रतिस्पर्धा और खोज के अनुभव से जोड़ते हुए भारतीय राज्यों की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी के बीच जीवंत रखने का प्रयास किया।

