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झींकपानी एसीसी सीमेंट कारखाना बंदी को लेकर बढ़ा विवाद, त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होने पर ग्रामीणों और मजदूरों में आक्रोश

झींकपानी: झींकपानी स्थित एसीसी सीमेंट कारखाना बंद करने के प्रबंधन के फैसले को लेकर शनिवार को एसीसी क्लब मैदान में मानकी-मुंडाओं की आपातकालीन बैठक हुई। प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता में कंपनी प्रबंधन के शामिल नहीं होने से वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद बैठक सामान्य सभा में बदल गई, जिसमें ग्रामीणों, रैयतों और मजदूरों ने कारखाना बंद करने के निर्णय का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

बैठक में कोंदोवा के जोड़ीदार मुंडा शशिभूषण हेस्सा ने कहा कि जिस जमीन पर कारखाना स्थापित है, उसका अधिग्रहण मानकी-मुंडाओं की सहमति से हुआ था। ऐसे में प्रबंधन द्वारा 16 अगस्त से कारखाना बंद करने का निर्णय स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य के मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि एसीसी प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। उन्होंने कहा कि कारखाने को पहचान दिलाने में मजदूरों का बड़ा योगदान रहा है और उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और प्रबंधन को हर हाल में त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होना होगा।

मंत्री दीपक बिरुवा और सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतोष कुमार ने स्थायी और अस्थायी मजदूरों से अपनी समस्याएं तथा कंपनी के रवैये से संबंधित लिखित आवेदन जिला प्रशासन को देने की अपील की, ताकि उनका समाधान किया जा सके।

संतोष कुमार ने कहा कि कारखाना बंद होने से क्षेत्र के लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रशासन समझता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता प्रबंधन के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकालना है।

बैठक में गुमड़ा पीढ़ के मानकी सिकंदर बिरुली, कोंदोवा मुंडा मुकेश हेस्सा, जोड़ापोखर मुंडा मोरा मुंडा, कुदाहातू मुंडा सुरेश बालमुचू, दोकट्टा मुंडा रसिका होनहागा, बड़ा लिसिया मुंडा सोना सुलेमान हासदा, डाउडंगुवा मुंडा जगन्नाथ हेस्सा, टोंटो जिला परिषद सदस्य राज नारायण तुबिड, तुराम बिरुली सहित बड़ी संख्या में रैयत और मजदूर मौजूद थे।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रबंधन अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता और वार्ता के लिए आगे नहीं आता, तो क्षेत्र में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की अगली पहल और प्रस्तावित वार्ता पर टिकी है।

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