जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एहतेशाम वकारिब ने शनिवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस अधीक्षक (नगर) ललित मीणा, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शुभम खंडेलवाल, जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) तथा सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान एसएसपी ने अधिकारियों को अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और आम लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी अपने सरकारी मोबाइल फोन हर समय चालू रखें, ताकि जनता किसी भी समय सूचना या शिकायत सीधे पुलिस तक पहुंचा सके। सरकारी मोबाइल नंबरों का थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया।
एसएसपी ने पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के सभी मामलों का निष्पादन सात दिनों के भीतर कर संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा। सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सीसीए, सर्विलांस प्रोसीडिंग, डोजियर और थाना हाजिरी की कार्रवाई तेज करने के साथ गुंडा पंजी में दर्ज अपराधियों की नियमित थाना हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
महिलाओं के विरुद्ध अपराध, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की जांच 60 दिनों के भीतर पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही आईआईएफ फॉर्म में समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। एसएसपी ने कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, लॉटरी, नशीले पदार्थों का कारोबार या अवैध बालू खनन मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाने, पीसीआर, टैंगो और बाइक पेट्रोलिंग को सक्रिय रखने तथा बैंक, एटीएम, वित्तीय संस्थानों, ज्वेलरी दुकानों और पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। महिला थाना प्रभारियों को पिंक पेट्रोलिंग के साथ स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर छेड़खानी एवं चेन छिनतई रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए कि वाहन जांच के दौरान आम लोगों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ब्लैक फिल्म, मॉडिफाइड साइलेंसर और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ लगातार अभियान चलाने को कहा गया। वहीं साइबर डीएसपी और साइबर थाना प्रभारी को प्रत्येक सप्ताह स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया।

