जमशेदपुर: साकची में 18 जुलाई 1974 के संपूर्ण क्रांति छात्र आंदोलन के दौरान शहीद हुए जमशेदपुर के तीन छात्र प्रणव मुखर्जी, राजीव रंजन और मोहम्मद मुसीम की शहादत दिवस पर शनिवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, छात्र एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीदों के स्मरण में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेकर उनके बलिदान को नमन किया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था परिवर्तन के लिए किए गए उनके संघर्ष को याद किया।
शहीद स्मारक निर्माण समिति, जमशेदपुर, जेपी युवा छात्र संघर्ष मोर्चा और झारखंड क्रांति सेना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संपूर्ण क्रांति आंदोलन भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। इस आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले छात्रों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजीव आचार्य ने कहा कि युवाओं को शहीदों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने शहीदों के सपनों के अनुरूप एक बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए सभी से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि सभा में आजसू नेता चंद्रगुप्त सिंह सहित विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों की स्मृति में पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

