जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र के छोटा गोविंदपुर में अवैध हथियार के साथ डकैती की साजिश रचने और बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी के मामले में करीब नौ माह से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छोटा गोविंदपुर निवासी 35 वर्षीय लखीकांत गोप उर्फ बेगी और समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप (34) के रूप में हुई है। समीर वर्तमान में छोटा गोविंदपुर के सुभाषनगर में रह रहा था, जबकि उसका स्थायी पता पोटका थाना क्षेत्र के बंगालीबासा में है।
सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि दोनों आरोपी अक्टूबर 2024 में दर्ज मामले में पुलिस की तलाश में थे। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान इनके नाम सामने आए थे, जिसके बाद से पुलिस लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सिटी एसपी ने बताया कि 25 अक्टूबर 2024 की शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि छोटा गोविंदपुर स्थित काली मंदिर के पास एक नवनिर्मित फ्लैट के समीप कुछ अपराधी अवैध हथियारों के साथ एकत्र होकर डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने तत्काल छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान सुजल गोप, दिनेश पात्रो उर्फ शुरू बाबू, राकेश पाल उर्फ सोना भगत, सनुष गोप और असीन दास को गिरफ्तार किया गया था।
तलाशी के दौरान राकेश पाल उर्फ सोना भगत के पास से एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया था। सभी पांचों आरोपियों को 26 अक्टूबर 2024 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस को लखीकांत गोप और समीर गोप की संलिप्तता की जानकारी मिली थी, लेकिन दोनों घटना के बाद से फरार थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लखीकांत गोप के खिलाफ वर्ष 2016 में परसुडीह थाना में रंगदारी, चोरी, तोड़फोड़, धमकी और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं समीर गोप उर्फ पोल्टु गोप के खिलाफ वर्ष 2018 में रास्ता रोकने, मारपीट, रंगदारी, गाली-गलौज, धमकी तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
सिटी एसपी ललित मीणा ने कहा कि दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, उनके आपराधिक नेटवर्क और संभावित संलिप्तता की भी गहन जांच कर रही है।

