चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के पात्थरबासा गांव स्थित कोकलोटाला टोला में मंगलवार देर रात जंगली दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान 48 वर्षीय दिलेश्वर जातराम के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
बताया गया कि दिलेश्वर जातराम रात करीब दो बजे शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। उसी दौरान घर के समीप एक दंतैल हाथी मौजूद था। अंधेरा होने के कारण उन्हें हाथी दिखाई नहीं दिया। अचानक हाथी ने उन पर हमला कर दिया और सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हाथी के आसपास मौजूद रहने के कारण परिजन और ग्रामीण भयवश तत्काल बाहर नहीं निकल सके। सुबह करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी बाली जातराम घर से बाहर निकलीं तो उन्होंने दिलेश्वर को मृत अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दिलेश्वर को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं मनोहरपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर भेज दिया।
वनपाल अभय कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की नई नीति के तहत मृतक के परिजनों को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। शेष औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नौ लाख रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि भी दी जाएगी।
वन विभाग के अनुसार, यह दंतैल हाथी पिछले कई दिनों से पात्थरबासा और आसपास के जंगल क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। भोजन की तलाश में वह अक्सर रात के समय गांवों की ओर पहुंच जाता है, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या अन्य प्रकाश स्रोत का उपयोग करें और हाथियों की गतिविधियों की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हाथियों के लगातार गांवों में प्रवेश और लोगों की मौत के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए ठोस और स्थायी उपाय करने की मांग की है।

