चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में डीवीसी कॉलोनी, खप्परसाई चाईबासा में विद्युत ऊर्जा मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा, ऊर्जा संरक्षण और सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मंझगांव विधायक नीरल पूर्ती, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश सहित विद्युत विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में उपभोक्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के बाद दीप प्रज्ज्वलन और वृक्षारोपण कर की गई। ऊर्जा मेला में विद्युत आपूर्ति, नए कनेक्शन, बिलिंग, मीटरिंग, विद्युत सुरक्षा, शिकायत समाधान और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े विभिन्न स्टॉल लगाए गए थे। अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली तथा उपभोक्ताओं की समस्याएं और सुझाव सुने।
इस दौरान विद्युत विभाग में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों और लाइनमैनों को सेफ्टी किट और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया। वहीं मीटर रीडर और ऊर्जा मित्रों को टी-शर्ट एवं प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की गई। समय पर बिजली बिल भुगतान करने वाले जागरूक उपभोक्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मंझगांव विधायक नीरल पूर्ती ने कहा कि बिजली आज विकास की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए सरकार और विद्युत विभाग लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से बिजली सुरक्षा नियमों का पालन करने, बिजली चोरी रोकने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।
जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि विद्युत ऊर्जा मेला उपभोक्ताओं और विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने का माध्यम है। ऐसे आयोजनों से लोगों को योजनाओं, सुविधाओं और शिकायत समाधान प्रक्रिया की जानकारी मिलती है।
मनोहरपुर विधायक जगत माझी ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक बिजली खर्च रोकने, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करने और सुरक्षित विद्युत उपयोग के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि विद्युत सेवा आम लोगों के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक गतिविधियों से सीधे जुड़ी हुई है। जिला प्रशासन और विद्युत विभाग का प्रयास है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज की जरूरत है और छोटी-छोटी सावधानियों से बिजली बचाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।
उपायुक्त ने लोगों से समय पर बिजली बिल भुगतान करने, बिजली चोरी की सूचना देने और सुरक्षित विद्युत उपयोग को अपनी आदत में शामिल करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और उपभोक्ताओं ने ऊर्जा संरक्षण एवं सुरक्षित विद्युत उपयोग की सामूहिक शपथ ली।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने नवनिर्मित सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नए कार्यालय के शुरू होने से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी सेवाएं और अधिक आसानी से एवं तेजी से मिल सकेंगी।

