चाईबासा: माता जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड में आयोजित होने वाले 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की सफलता और निर्विघ्न आयोजन की कामना को लेकर विभिन्न स्थानों पर पंच कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में हाटगम्हरिया प्रखंड में पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ, संध्याकालीन युग संगीत और पावन प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विश्व कल्याण की भावना के साथ गायत्री महामंत्र की महिमा पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि गायत्री मंत्र का आध्यात्मिक महत्व बहुत व्यापक है। कथा के दौरान भगवान शिव द्वारा भी गायत्री मंत्र के ध्यान किए जाने की चर्चा की गई और मंत्र के महत्व को लोगों के बीच रखा गया।
कार्यक्रम के अंत में दीप महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य माता जी के विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना बताया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मनोहरपुर से सियाराम पंडित, चक्रधरपुर से डॉक्टर मनोज प्रधान, खरसावां से मनबोध, रशीक लोहार, चाईबासा महिला मंडल से अनीता गुप्ता, सरिता गुप्ता, शारदा गुप्ता, अनीता गुप्ता 2, मीठी, अंजू देवगन, प्रधान बोईपोय, देवगम और हरिचरण का विशेष योगदान रहा।
इसके अलावा हाटगम्हरिया प्रखंड से सुबनी गगरय और सरस्वती ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग किया। अखिल विश्व गायत्री परिवार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा की ओर से बताया गया कि 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के सफल आयोजन को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

