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Sun. May 31st, 2026

महंगाई की मार से परेशान टैक्सी चालक, ओला-उबर और रैपिडो के खिलाफ खोला मोर्चा

जमशेदपुर: बढ़ती महंगाई, ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और घटती आमदनी से परेशान शहर के टैक्सी चालकों ने रविवार को कैब सेवा संचालित करने वाली कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ नाराजगी जताई। चालकों का कहना है कि मौजूदा किराया व्यवस्था में काम करना उनके लिए आर्थिक रूप से नुकसानदायक साबित हो रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।

टैक्सी चालकों का आरोप है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि होने के बावजूद कंपनियों ने बेस किराए में कोई बदलाव नहीं किया है। उनका कहना है कि वर्तमान किराया दरों पर मिलने वाली आय का बड़ा हिस्सा वाहन के रखरखाव, किस्त और ईंधन पर खर्च हो जाता है, जिससे हाथ में बहुत कम राशि बचती है। चालक रमेश सिंह, भोला और टोपनो पूर्ति सहित कई ड्राइवरों ने कंपनियों से तत्काल बेस चार्ज बढ़ाने की मांग की है।

चालकों ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि कई बार यात्रियों के साथ किराया भुगतान या अन्य कारणों से विवाद की स्थिति बन जाती है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में कंपनियां ड्राइवरों को पर्याप्त सहयोग नहीं देतीं। उनका आरोप है कि यात्रियों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि ड्राइवरों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

ड्राइवरों ने कंपनी की हेल्पलाइन और कस्टमर केयर सेवाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी दुर्घटना, विवाद या आपात स्थिति के दौरान सहायता के लिए संपर्क करने पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। इससे कई बार उन्हें स्वयं ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

जमशेदपुर टैक्सी ड्राइवर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। यूनियन के अनुसार पहले चरण में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर शहरभर में टैक्सी सेवाएं बंद कर हड़ताल भी की जा सकती है। उनका कहना है कि जब तक किराया संरचना में सुधार और ड्राइवरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

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