जमशेदपुर: राष्ट्रीय मानव राइट एवं क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) के पूर्वी सिंहभूम जिला प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को साकची थाना प्रभारी से मुलाकात कर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण तथा जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण विषयों को रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एनएचआरसीसीबी के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष धनंजय कुमार शर्मा ने किया। उनके साथ संगठन के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार शर्मा तथा राष्ट्रीय सह-सचिव विनय चंद्र भी मौजूद थे। बैठक के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने साकची और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती चोरी, छिनतई, नशाखोरी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्र, भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगातार निगरानी और नियमित पुलिस गश्त की आवश्यकता है ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने साकची बाजार क्षेत्र में फुटपाथों पर हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए फुटपाथों पर अवैध कब्जे के कारण लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। महिलाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से अभियान चलाकर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
बैठक में पुराने बस स्टैंड क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वहां सार्वजनिक भूमि और सरकारी परिसंपत्तियों पर कुछ लोगों द्वारा स्थायी और अर्ध-स्थायी निर्माण किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सरकारी भूमि को मुक्त कराने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में समय पर कार्रवाई जरूरी है।
जनसुरक्षा के मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में बिना वैध पहचान-पत्र अथवा आवश्यक दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन की आवश्यकता भी उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर विशेष सत्यापन अभियान चलाकर क्षेत्र में रहने वाले लोगों का रिकॉर्ड अद्यतन किया जाना चाहिए, जिससे किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
साकची थाना प्रभारी ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि यदि संगठन या नागरिकों की ओर से किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, अवैध कार्य या जनहित से जुड़ी सूचना उपलब्ध कराई जाती है तो उस पर त्वरित जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के दौरान एनएचआरसीसीबी के पदाधिकारियों ने पुलिस और नागरिक समाज के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी जनहित से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की सहमति जताई।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में संगठन द्वारा दी गई सूचनाओं पर पुलिस की ओर से की गई त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पुलिस के सकारात्मक सहयोग और सक्रिय भूमिका के लिए साकची थाना प्रभारी को स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
बैठक के अंत में एनएचआरसीसीबी ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में अपराध, अतिक्रमण और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

