जमशेदपुर / पोटका
झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, पूर्वी सिंहभूम पोटका के मुक्तेश्वर धाम हरिणा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। मंदिर परिसर में 11 मंदिरों का निर्माण अंतिम चरण में है, वहीं पुराने काली मंदिर और शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कर उन्हें भव्य रूप दिया जा रहा है। इसको लेकर पोटका विधानसभा के विधायक संजीव सरदार ने वन विभाग के वन क्षेत्र पदाधिकारी विमद कुमार, सब बीट ऑफिसर, संवेदक एवं मंदिर समिति के सदस्यों के साथ पूरे परिसर एवं मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को शेष कार्य मेला शुरू होने से पूर्व पूरा करने का निर्देश दिया गया।
मुक्तेश्वर धाम में राम मंदिर, पार्वती मंदिर, कार्तिक मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, सरस्वती मंदिर, शनि मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर और गणेश मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं काली मंदिर एवं शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कर उन्हें आकर्षक और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। मंदिर निर्माण कार्य को विशेष और पारंपरिक स्वरूप देने के लिए राजस्थान से विशेष पत्थर मंगाए गए हैं, जबकि मंदिरों की नक्काशी और निर्माण कार्य के लिए राजस्थान से ही कुशल कारीगर बुलाए गए हैं। मंदिर प्रांगण में हर वर्ष लगने वाले पांच दिवसीय मेले में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे लेकर विधायक ने समिति के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया।मुक्तेश्वर धाम को धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। लगभग 28 हेक्टेयर क्षेत्र में बायो डाइवर्सिटी पार्क बनाया जा रहा है, जहां 22 कॉटेज और ट्री हाउस तैयार होंगे। इसके अलावा झूले, पाथ-वे, पिकनिक स्पॉट और फव्वारे भी बनाए जाएंगे। हर वर्ष 14 जून से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मुक्तेश्वर धाम मेले में झारखंड समेत चार राज्यों से करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं।विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली अबुआ सरकार संस्कृति, परंपरा और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके अथक प्रयास और मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण मुक्तेश्वर धाम को राज्य सरकार की पर्यटन सूची में शामिल किया गया है तथा इसके सौंदर्यीकरण पर लगभग 23 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुक्तेश्वर धाम अब राज्य के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान विधायक संजीव सरदार ने अधिकारियों, संवेदकों और मंदिर समिति को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मेला शुरू होने से पहले सभी निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि मुक्तेश्वर धाम सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आने वाले समय में झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल भी बनेगा। वहीं मुक्तेश्वर धाम के मुख्य पुजारी ने कहा कि पूर्व में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन विधायक संजीव सरदार लगातार इस धाम के विकास के लिए प्रयासरत रहे, जिसके कारण आज इसका भव्य विकास संभव हो पा रहा है।
इस दौरान मुख्य पुजारी बजरांकन दंडपात, कमिटी के दीपंकर सीट, सागर सीट, अनिरुद्ध नायक, मनोरंजन सरदार, दीपक सरदार, भरत सरदार, अचिन सरदार, सनातन सरदार आदि उपस्थित रहे।

