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सिंहभूम चैम्बर की टाटा स्टील प्रोक्योरमेंट विभाग के साथ त्रैमासिक बैठक आयोजित चैम्बर ने प्रमुखता से वेंडरों की समस्याओं को प्रोक्योरमेंट विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया

जमशेदपुर। सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं टाटा स्टील के बीच आयोजित होने वाली श्रृंखलाबद्ध त्रैमासिक बैठकों के तहत मंगलवार, 09 जून 2026 को चैम्बर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में टाटा स्टील प्रोक्योरमेंट विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय वेंडर एवं व्यवसायी उपस्थित रहे।

बैठक में टाटा स्टील की ओर से चीफ प्रोक्योरमेंट रंजन कुमार सिन्हा, चीफ प्रोक्योरमेंट (एमआरओ एंड सर्विसेज) रजत मधुर, चीफ प्रोक्योरमेंट (लॉजिस्टिक्स) शांतनु वर्मा, चीफ प्रोक्योरमेंट (डिलीवरी मैनेजमेंट) राणा दास सहित वी. सुरेश विजयन,शरबनी झा, सत्यव्रत महापात्रा, कुमार गोपाल, रोमा साहनी, अशोक कुमार, विशाल चंद्रा, ए. रमेश बाबू, रत्नेश कुमार, अनिल कुमार ठाकुर, पवन कुमार, दविंद्र सिंह एवं तुषार कुमार उपस्थित थे।

स्वागत भाषण देते हुए चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि सिंहभूम चैम्बर स्थानीय वेंडरों एवं टाटा स्टील के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हुए लगातार वेंडरों की समस्याओं को कंपनी प्रबंधन के समक्ष उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील प्रोक्योरमेंट विभाग भी चैम्बर द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक एवं गंभीर प्रयास करता रहा है, जो वेंडर हित में कंपनी की उच्चस्तरीय कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि पिछली बैठक के बाद आयोजित इस बैठक में चैम्बर स्थानीय वेंडरों एवं अन्य हितधारकों के व्यवसाय संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को प्रबंधन के समक्ष रख रहा है, जिनका समाधान आवश्यक है।

इस अवसर पर टाटा स्टील के चीफ प्रोक्योरमेंट रंजन कुमार सिन्हा ने कहा कि चैम्बर द्वारा इस प्रकार की बैठकों का आयोजन अत्यंत सराहनीय है। इससे टाटा स्टील एवं वेंडरों के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित होता है तथा समस्याओं के समाधान में सुविधा मिलती है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की बैठकों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

चैम्बर के मानद महासचिव पुनीत कांवटिया ने वेंडरों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं के आधार पर निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे टाटा स्टील प्रोक्योरमेंट अधिकारियों के समक्ष रखे—

प्रमुख मुद्दे

बहु-स्थान (मल्टी लोकेशन) गेट पास व्यवस्था

विभिन्न संयंत्रों में कार्यरत तकनीशियनों एवं कुशल श्रमिकों के लिए एकीकृत मल्टी-लोकेशन गेट पास की व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया गया।

एआरसी एवं वीएमआई से संबंधित समस्याएं

एआरसी की अवधि समाप्त होने से पूर्व नई निविदा जारी कर अन्य विक्रेताओं को अनुबंध दिए जाने से वर्तमान विक्रेताओं के पास अनुपयोगी स्टॉक जमा हो जाने की समस्या उठाई गई।

तकनीकी रूप से सक्षम विक्रेताओं को प्राथमिकता

विशेषीकृत उत्पादों की पूछताछ संबंधित एवं अनुभवी विक्रेताओं तक ही सीमित रखने की मांग की गई ताकि गलत आपूर्ति एवं गुणवत्ता संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

मोग्लिक्स से संबंधित चिंताएं

भुगतान सुरक्षा, स्थानीय विक्रेताओं को समान अवसर, खरीद की अवधि तथा विशेष दरों की गोपनीयता जैसे विषयों पर स्पष्टता मांगी गई।

मोग्लिक्स को समान प्रतिस्पर्धी अवसर

मोग्लिक्स को अन्य विक्रेताओं के समान प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने तथा उसे एकमात्र स्रोत के रूप में उपयोग नहीं करने का सुझाव दिया गया।

3पीएल शुल्क में पारदर्शिता

थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स शुल्क को ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर स्वतः प्रदर्शित करने की मांग की गई ताकि मूल्यांकन अधिक पारदर्शी हो सके।

ईसीसीआई एवं शिपमेंट आईडी प्रक्रिया का स्वचालन

एक्सेल आधारित बल्क अपलोड एवं स्वचालित प्रक्रिया लागू करने का सुझाव दिया गया जिससे दस्तावेजीकरण एवं डिस्पैच कार्य में तेजी आए।

स्थानीय एवं एमएसएमई विक्रेताओं के लिए मूल्य वरीयता

जमशेदपुर, कलिंगानगर तथा एमएसएमई विक्रेताओं के लिए विशेष मूल्य वरीयता नीति की जानकारी मांगी गई।

त्रैमासिक खाता विवरण साझा करने की व्यवस्था

बेहतर लेखा सामंजस्य के लिए प्रत्येक तिमाही में खाता विवरण उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।

मानकीकृत लोडिंग दिशानिर्देशों का अभाव

विभिन्न संयंत्रों एवं शिफ्टों में लोडिंग संबंधी अलग-अलग मानकों से उत्पन्न व्यावसायिक एवं आर्थिक कठिनाइयों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया।

व्यावसायिक दबाव एवं उत्पीड़न का मुद्दा भी उठा

बैठक के दौरान सुरक्षा मानकों की भिन्न-भिन्न व्याख्याओं के कारण परिवहन विक्रेताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने, अनौपचारिक सेवाओं के उपयोग के दबाव तथा कुछ मामलों में समय पर अनलोडिंग के लिए अनधिकृत भुगतान की मांग जैसी शिकायतें भी प्रबंधन के समक्ष रखी गईं।

इंटरैक्टिव सत्र में उपस्थित वेंडरों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं एवं सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे, जिन पर प्रोक्योरमेंट विभाग के अधिकारियों ने सकारात्मक विचार करते हुए समाधान का आश्वासन दिया।

बैठक का संचालन चैम्बर सचिव अधिवक्ता अंशुल रिंगसिया ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सचिव बिनोद शर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान चैम्बर के उपाध्यक्ष अनिल मोदी एवं भरत मकानी ने अतिथियों को सम्मानित किया।

बैठक में पूर्व अध्यक्ष उमेश कांवटिया, प्रतीक अग्रवाल, दीपक चेतानी, महेश संघी, नंदकिशोर अग्रवाल, मनोज गोयल, नंदन कांवटिया, चंद्रकांत जटाकिया, संजय मिश्रा, सुनील बागरोदिया, बी.एस. बजाज, नवलकिशोर वर्णवाल, उमंग अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, राहुल भगत, डबल भगत सहित बड़ी संख्या में चैम्बर सदस्य एवं व्यवसायी उपस्थित थे।

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