रांची/चाईबासा। झारखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन नवजीवन” के तहत कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडरों, दस्ता सदस्यों तथा गुमला जिले में सक्रिय जेेजेएमपी (JJMP) संगठन के उग्रवादियों समेत कुल 27 नक्सलियों ने गुरुवार को झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में छह सब-जोनल कमांडर (SZCM), छह एरिया कमांडर (ACM) और 15 अन्य कैडर शामिल हैं।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त कार्रवाई के दबाव में यह आत्मसमर्पण हुआ। पुलिस मुख्यालय के अनुसार राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों में 44 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं पुलिस मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सारंडा इलाके में 21 नए एडवांस कैंप लोकेशन (ACL) और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) भी स्थापित किए गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय थे। इन पर पुलिस बलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, हथियार लूट, सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार भाकपा (माओवादी) संगठन के केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल की टीम से जुड़े कई शीर्ष कमांडर भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं।
इन नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष कुल 17 हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी जमा कराया है। बरामद हथियारों में एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर राइफल, एक .303 बोल्ट एक्शन राइफल और एक कंट्रीमेड पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 27 मैगजीन, 2857 जिंदा कारतूस और आठ वॉकी-टॉकी भी बरामद किए गए हैं। वहीं JJMP संगठन से जुड़े दो उग्रवादियों ने भी एक इंसास राइफल, चार मैगजीन और 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादियों में करण उर्फ डांगुर तियू, गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सागेन अंगारिया उर्फ दोकोल उर्फ श्याम लाल अंगारिया, दर्शन उर्फ बिंज हांसदा और सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा उर्फ चमरा शामिल हैं। इनमें कई नक्सलियों पर पांच लाख रुपये तक का इनाम घोषित था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले कई नक्सली पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर वर्ष 2022 में हुए हमले, टोंटो और गोइलकेरा थाना क्षेत्रों में पुलिस मुठभेड़, आईईडी विस्फोट, हथियार लूट और सुरक्षा बलों पर फायरिंग जैसी कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। मार्च 2023 में बड़े जामदा ओपी क्षेत्र से करीब 7000 डेटोनेटर और विस्फोटक सामग्री की लूट, जुलाई और अगस्त 2023 में पुलिस बलों पर हमले, वर्ष 2025 और 2026 में चाईबासा और सारंडा क्षेत्र में हुए आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है।
झारखंड पुलिस ने कहा है कि लगातार चल रहे अभियानों और सुरक्षा बलों के दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। पुलिस ने शेष उग्रवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।

