नई दिल्ली* : वाराणसी से कोलकाता तक बन रहे हाई स्पीड एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा झारखंड को मिलने वाला है। करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों को देश के बड़े शहरों से सीधे जोड़ देगा। इससे झारखंड में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
610 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का रूट झारखंड के चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो और पीटरबार क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे बनने के बाद इन इलाकों की कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। साथ ही माल ढुलाई आसान होने से उद्योगों और कारोबार को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी से कोलकाता तक का सफर 12-14 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा। इसका सीधा असर झारखंड के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा। राज्य के कोयला, स्टील और खनिज उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा मिलने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए पूर्वी भारत की तस्वीर बदलने वाला माना जा रहा है। केंद्र सरकार इस परियोजना को तेजी से पूरा करने में जुटी है और संभावना जताई जा रही है कि मार्च 2028 तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।

