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गोइलकेरा में अवैध लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, ट्रक जब्त, चालक सहित तीन नामजद

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत संतरा वन प्रक्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। रात्रि गश्ती के दौरान टीम ने साल लकड़ी से लदे एक ट्रक को जब्त कर चालक सह वाहन मालिक को गिरफ्तार किया है, जबकि इस धंधे से जुड़े दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 की रात करीब 1 बजे गोइलकेरा-चाईबासा मुख्य मार्ग पर गोटांबा गांव के पास गुप्त सूचना के आधार पर एक तिरपाल से ढके संदिग्ध ट्रक को रोका गया। जांच के दौरान ट्रक संख्या JH10BU-9188 में साल प्रजाति की 44 पीस बोटा लकड़ी लदी पाई गई। चालक से वन उत्पाद परिवहन से संबंधित वैध कागजात मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

जांच के दौरान वाहन से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस, पीयूसी, टैक्स रसीद और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सामान्य कागजात मिले, लेकिन लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध अनुमति नहीं थी। इसके बाद मौके पर ही ट्रक को जब्त करते हुए चालक सह वाहन मालिक कैलाश यादव (पिता- जीवलाल यादव, निवासी शाहगंज, पोस्ट ईटवां, जिला गया, बिहार) को गिरफ्तार कर लिया गया। जब्ती सूची तैयार कर गवाहों के हस्ताक्षर भी लिए गए और ट्रक को सुरक्षित वन प्रक्षेत्र परिसर सोनुवा लाया गया।

पूछताछ में कैलाश यादव ने खुलासा किया कि यह लकड़ी चक्रधरपुर निवासी विनोद जायसवाल और विक्की जायसवाल के कहने पर जंगल क्षेत्र से लोड की गई थी और इसे बिहार भेजने की योजना थी। प्रारंभिक जांच में तीनों को अवैध लकड़ी परिवहन और बिक्री में संलिप्त पाया गया है।

वन विभाग ने बताया कि यह कृत्य भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा बिहार संशोधन अधिनियम 1990 की धारा 41, 42 और 52 का उल्लंघन है, जो संज्ञेय, अजमानतीय और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। विभाग ने जब्त ट्रक के अधिहरण के लिए कोल्हान वन प्रमंडल, चाईबासा के प्राधिकृत पदाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया है।

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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